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Thursday, 21 May 2020

Heart to soul

Think not who I am,
Seek not where I am,
Feel it, I am within you,
Just listen to your beats within,
Let the enigmatic current rush in
With the help of your mind playing
From the heart to your soul.

Anupam Mishra

Wednesday, 20 May 2020

परमेश्वर

परम तत्व परमेश्वर,
विस्तार का जिसके नहीं कोई छोड़,
जिसका न कोई आकार न प्रकार,
जिस पर संपूर्ण सृष्टि का भार;

बसा है जो सर्वत्र,
हर तत्व में, हर तर्क में,
स्वर्ग में, और नर्क में,
हर सख्श के कण कण में;

सृजन व विध्वंश इसकी नज़र में,
हर कर्म की खबर इसके फलक पे,
चाहे करे जुर्म कोई सबसे छिप के,
रूह देखता है सब साक्षी बनके;

ढल जाता ये उसके उसी रंग में,
जैसी फितरत होती जिसके मन में,
कोई देखता इसे सत्य और आस्था में,
तो कोई इसे ढूंढ़ता अपनी विवशता में!
©अनुपम मिश्र

अध्यात्म

तू मैं हूं और मैं तू
मैं तुझमें और तू मुझमें,
पूर्ण तू, शून्य मैं,
शून्य तू, पूर्ण मैं,
जीवन तू, मृत्यु मैं

आदि तू, अंत मैं
ब्रह्माण्ड तू, ब्रह्म मैं,
अग्नि तू, जलन मैं,
रागिनी तू, तिमिर मैं,
रूह तू, शरीर मैं,

शक्ति तू, सेवक मैं,
मिट्टी तू, मूरत मै,
सृष्टि तू, पूरक मैं,
वृष्टि तू, पोषक मैं,
संगीत तू, गायक मैं,

पंच तत्वों से बना, उसी में घुल जाऊं मैं,
तुझ से आया, तुझी में मिल जाऊं मैं।
©अनुपम मिश्र

Decision

Whether to sit or stand straight, Whether to strol or run fast, Whether to end or start, Whether to go Left or Right; No way is wrong or Rig...